वो हाथी जिसको मारने के बाद इंसानों ने शायद जानवरों के लिए नियम बना दिए थे

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“वो हाथी जिसे मार दिया गया”

जैसे ही उसने बल्ले से गेदं को मारा, वो हवा में घूमते-घूमते सीधे मेरी ही गोद की तरफ चली आयी और मेरी उस वक्त की छोटी-छोटी बाहों ने उसे यूँ समेट लिया जैसे कि मुझे ज़माने भर की सारी खुशी मिल गई हो ।पापा से मैंने ही तो ज़िद की थी कि- “मैं रेंबो देखने जाऊंगा! जरूर जाऊंगा! मुझे ले चलो !”

और जब मैं वहां गया उस सर्कस में ।एक बड़ा सा चौगान , उस में लगे बड़े-बड़े टेंट और उनमें बंधे जानवर ।मगर जिस गेंद की बात मैं कर रहा हूं, यह किसी क्रिकेट के बल्लेबाज ने कोई शॉट नहीं मारा था ।यह तो वो प्यारा बड़ा सा हाथी था, जिसने बल्ले से फुटबॉल को मारकर हवा में उछाल दिया और वह लहराती हुई मेरी बाहों में समा गई ।मुझे वो गेंद… वो हाथी आज भी अच्छे से याद है और उस हाथी का नाम भी…”रैंबो”। जिसकी वजह से वह सर्कस मशहूर हुआ था…

 

elephant on ball
elephant on ball

 

ऐसा ही एक और सर्कस था जो हाथी के कारण मशहूर हुआ “स्पार्क्स वर्ल्ड फेमस सर्कस “और उसमें जो हाथी था, मतलब मादा हाथी (हथिनी ) उसे बेदर्दी से सूली पर चढ़ा दिया गया ।अब आप सोचें कि यह कोई सर्कस का स्टंट हो तो…! नहीं ! उस हथिनी को सजा़ दी गई थी…एक दर्द भरी सजा़ ! जिसने मानवता को झकझोर कर रख दिया ।शायद उसी के बाद जानवरों के अधिकार के कानून की मांग होने लगी ।उसका नाम था ‘मैरी’ ।एक 5 टन वजनी हाथी ।लेकिन उसे यह दर्दनाक सजा मिली क्यों ?

इसके पीछे पूरा किस्सा है… यह बात है, सुलिवन की जो कि यूएस में है ।रेड एल्ड्रिज नाम का शख्स, जो कि पहले होटल में वेटर का काम करता था, पर उसने दिनांक 11 सितंबर 1916 को सर्कस ज्वाइन कर लिया और बन गया सर्कस में नौसिखिया ट्रेनर और 12 सितंबर की शाम… जब सर्कस उस बड़े पंडाल में आयोजित किया जा रहा था, एक लंबी परेड आती हुई दिखाई दी ।उस परेड को लीड कर रही थी “मैेरी” जो की उस सर्कस की जान थी और उस पर सवार नोसिखीया ट्रेनर… वो उसके कान के पीछे अंकुश लगाए बैठा था ।थोड़ा आगे आने पर वो उस पर से उतरा और सामने लगे ढेर में से एक तरबूज खाने लगा,  तभी अचानक मैरी उसकी ओर बढ़ी और उसने अपनी सूंड में लपेट कर उसे 10 फीट हवा में उछाला और जमीन पर दे मारा ।इसके बाद उसके ऊपर पैर धर दिया। कुछ अखबारों के अनुसार उसी वक्त मैेरी को मारने की आवाजें सुनाई देने लगी ।लोग कहने लगे “मार दो हाथी को ! अभी मार दो ! तभी वहां के लोहार हेंच कोक्स ने 5 राउंड के फायर किए लेकिन हाथी पर कोई असर नहीं हुआ ।

इस घटना के बाद वहां के लीडरों ने शो में जाना बंद कर दिया ।जिसमें मैरी परफॉर्म करती थी, इस बात से परेशान होकर सर्कस के मालिक “चार्ली स्पार्क “ने निर्णय लिया |मैरी को सब लोगों की मौजूदगी में ख़त्म कर दिया जाए।

 

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Mary hanging from a 100-ton derrick in Erwin, Tennessee

 

और वह बदनसीब धुन्ध, बादलों से भरा बरसाती दिन…13 सितंबर 1916 ।मैरी को यूनीकोई कंट्री लाया गया। वहां पर 25000 की भीड़ के सामने, जिसमें सबसे ज्यादा बच्चे शामिल थे ।एक long Boom crane पर फांसी लगा दी गयी ।इसके बाद उसे बड़ी बेदर्दी से ज़मीन पर पटका जिससे उसके कूल्हे की हड्डियां चकनाचूर हो जाए और उस शाम मानवता का अंत हो गया ।

 

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elephant died

 

यह दोनों हाथी । एक मेरे बचपन वाला… एक यह । दोनों कितने समान हैं  तो फिर अलग कौन है… ? हम इंसान…!

ये आर्टिकल अनुराग सिंह राठोड़ ने maalgudirails के लिए लिखा है-

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