आम आदमी पार्टी के ताज़ा रिश्वतखोरी काण्ड का पूरा ऑपरेशन पढ़ लो

arvind vsMisra

“आम आदमी अब बस आरोप लगाना जानते है, अपना काम करने के लिए एजेंट बुलाये गये हैं”

आम आदमी की पहचान बदल दी गई जब दिल्ली जंतर मंतर और रामलीला मैदान पर अन्ना और उसके साथियों ने भ्रष्टाचार और लोकपाल की जंग छेड़ी थी वहां से एक अंकुर फूटा जो आम आदमी पार्टी के रुप में अंकुरित हुआ-

aam aadmi party 2012
aam aadmi party 2012

 

जिसके कर्ता धर्ता और लीडर बने अरविंद केजरीवाल जिनके नेतृत्व में एक आम टोली ने राजनीति में कदम रखा…सबके गुरु अन्ना ने इन्हें राजनीति में जाने से रोका तो बदले में इस टीम के लीडर ने कहा-“अन्ना जी, दलदल की सफाई के लिए दलदल में उतरना पड़ता है, थोड़े छींटे हम पर पड़ेंगे भी तो क्या, हम देश की सफाई के लिए खुद को गंदा करने के लिए तैयार हैं|”

और नींब पड़ी “आम आदमी पार्टी” जो गांधी वाले “झाड़ू” के निशान को लेकर आए और नेहरू जैसी टोपी पहने लोग जिस पर लिखा होता था-“मैं हूं आम आदमी”, आपको दिल्ली और तमाम हिंदुस्तान की गली-गली में दिख जाया करते थे…

किसी ने कहा “बदलाव की आंधी” तो किसी ने कहा “राजनीतिक भूचाल”, किसी ने सफाई अभियान तो किसी ने कहा “आम आदमी के दिन आ गए” कह कहकर इस टीम को संबोधित किया….

सलमान शाहरुख जैसी फैन फॉलोइंग हो गई इनकी, लोग इतने दीवाने हो गए इनके कि अगर यह कह डालते के राम मंदिर बनना है तो सर आम आदमी मिलकर राम मंदिर बना डालते हैं|

इन आम आदमी के शुरुआती कारवे में अरविंद केजरीवाल, किरण बेदी,कुमार विश्वास,प्रशांत यादव, मनीष सिसोदिया,आशुतोष, संतोष हेड्स. योगेंद्र यादव…. शामिल हुए |

2012 से शुरु हुई क्षेत्रीय पार्टी प्रारंभ में ही राष्ट्रीय स्तर पर आ गई क्योंकि शुरुआत दिल्ली से ही की गई थी |उन्होंने 2012 से 2017 तक क्या गदर मच आया है वह सब आपको पता है…एक एक फाउंडर मेम्बर को चुन चुन के निकला गया, जगह जगह धरना दिया गया, चुनाव लडे गये और हारे गये उसके बाद हर बार पार्टी में भूचाल आया जिसने पार्टी को हैडलाइन में बनाये रखा, ऐसा कोनसा नेता या दूसरी ओअर्टी नहीं थी जिसके उपर इन्होने आरोप न लगाया हो… ये सही बाकि सब गलत, आज कल तो इनको भारतीय संबिधान और इलेक्शन कमिशन पर भी भरोसा नहीं रहा… बाकि इन पर ज्यादा ज्ञान बाजी से दूर रहो तो अच्छा… इनके ज्यादातर फाउंडर बागी हो चुके हैं, किसी ने नई पार्टी बना ली या किसी ने कोई और पार्टी ज्वाइन कर ली-

पिछले सब मुद्दों पर पानी फेर हो ताजा ओपरेशन वाली बात कपिल मिश्रा बोल गए थे, 3 दिन हो गए जोरदार हंगामा चल रहा है|कुछ सम्मरी हम दे देते हैं और फिर अपना ओपिनियन भी लास्ट में चिपका देंगे-

कांड क्या है- “भ्रष्टाचारविरोधी आंदोलन से बदलाब के वादे करके आये दिल्ली के मुख्यमंत्रीअरविंद केजरीवाल पर खुद उनके ही मंत्री ने भ्रष्टाचार के आरोप लगा दिए हैं मतलब सीधा सीधा ये की दिल्ली के सबसे बड़े आम आदमी की उनसे छोटे आम आदमी ने कहके ले ली |जिनका नाम श्रीमान कपिल मिश्रा जी , तो इन छोटे सरकार ने रविवार को कहा कि केजरीवाल ने मंत्री सत्येंद्र जैन से दो करोड़ रुपए नकद लिए हैं। मतलब रिश्वत खायी है, शुक्रवार को मैंने ये घटना अपनी आंखों से देखी। मैंने पूछा कि ये क्या है तो केजरीवाल जी ने कहा कि-“राजनीति में कुछ बातें होती हैं, जो सही समय आने पर ही बताई जाती हैं। मैंने कहा कि आप क्षमा मांगें, गलतियां हो जाती हैं, लेकिन वह शांत रहे।मिश्रा ने कहा कि सत्येंद्र ने मुझे बताया था कि उन्होंने केजरीवाल के एक रिश्तेदार के लिए 50 करोड़ रुपए की लैंड डील करवाई है।

मतलब छोटे आम आदमी बोले-“बड़े भैया आप रिश्वतखोर हो, ससुरे हरमखोर हो, धोखेबाजी का काम करते हो” तो बड़े साहब बोले-“अबे छोटू उस्ताद ये प्रजातंत्र, राजतंत्र है, तुमको बाद में समझ आएगा” छोटे पलट के बोले-“प्रजातंत्र हो राजतन्त्र तुम चोट्टे हो रे, एक नंबर के निरे आरोपी” और बड़े साहब ने छोटे को इस्सी बात पर गेट आउट बोल दिया और हो गयी महाभारत शुरू या कह लो महाभारत में एक दम न्यू चेप्टर जुड़ गया दिल्ली बनी लंका, और केजरी का होगा क्या दहन” इस पर –

Kapil mishra
Kapil Mishra

 

कपिल मिश्रा का पक्ष-
आप के पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा टैंकर घोटाले का मामला लेकर सोमवार सुबह एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) दफ्तर गये और केजरीवाल सरकार के खिलाफ सरकारी गवाह बनने की बात कही है। उन्होंने कहा कि-“दो साल पहले सरकार को टैंकर घोटाले की रिपोर्ट सौंप दी थी। अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। कपिल ने दावा किया कि बुधवार तक सत्येंद्र जैन से इस्तीफा लिया जा सकता है।

कपिल की कार्यवाही-वो एसीबी दफ्तर गये |इस दौरान उन्होंने मीडिया के सवालों पर कहा कि-” अगर उनके आराेप पर शक हो तो अरविंद केजरीवाल, सत्येंद्र जैन और उनका लाई डिटेक्टर टेस्ट करा लिया जाए। मैं टैंकर घोटाले के सिलसिले में एसीबी दफ्तर आया था। किस तरह जांच में देरी की गई, आरोपियों को बचाने का काम किया गया, सीएम और उनके दो साथियों ने शीला दीक्षित को बचाने की कोशिश की, इस बारे में मैंने एसीबी को बताया है। शिकायतकर्ता और गवाह के तौर पर जो भी जानकारी मेरे पास है, मैंने एसीबी को देने का भरोसा दिया है।”

गाँधी जी की समाधी पर कपिल बोले कि -“मैं राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की समाधि पर आया, यहां ऊर्जा मिलती है। आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं की पार्टी है। हमने संघर्ष किया है, तब यह पार्टी बनी। इसके लिए लाठी-डंडे खाए हैं। कभी इसे छोड़कर नहीं जाएंगे। कुछ गंदगी आ गई है, उसे बाहर करना है। न मुझे कोई बाहर निकाल सकता है और न मैं इसे छोड़ूंगा।मंत्री बनने के बाद मैंने एक महीने के भीतर शीला दीक्षित के खिलाफ 400 करोड़ के वाटर टैंकर घोटाले की रिपोर्ट तैयार की। उसके बाद क्या हुआ, ये सबने देखा। ऐसा नहीं है कि मैं मंत्री पद से हटने के बाद बोल रहा हूं। बोलने के बाद मुझे हटाया गया। मैं कैबिनेट का अकेला मंत्री हूं, जिस पर करप्शन का कोई आरोप नहीं लगा। कल जब तक मैंने एंटी करप्शन ब्यूरो को लेटर नहीं लिखा, तब तक पानी की परेशानी की बात क्यों सामने नहीं आई थी ?मैं एलजी से मिला। मैंने संविधान की शपथ ली है, तो ये जिम्मेदारी बनती है कि जो मैंने आंखों से देखा, उसे उन्हें बताऊं। हम गड़बड़ी के मामलों की शिकायतों के लिए केजरीवाल पर भरोसा करते थे, चाहे वो रिश्तेदारों को पद देना, मनी लॉन्ड्रिंग या फंड में गड़बड़ी के आरोप हों।

kapil mishra
Credits- TOI
कपिल ने बताया-”भरोसा था कि केजरीवाल के रहते पार्टी में कोई बेईमान नहीं हो सकता। जब उनकी नजर में आएगा तो वो सब ठीक कर देंगे। यही उम्मीद हमें दो साल से प्रेरित करती थी।लेकिन शुक्रवार को मैंने सत्येंद्र जैन को 2 करोड़ रुपए कैश केजरीवाल को देते उनके घर पर देखा। मैंने पूछा- इतना पैसा कहां से आया, ये कैश में क्यों है? इसके सारे कागज सामने रखें, अगर कोई गलती हुई है तो माफी मांगें।
मैंने उनसे कहा- मुझे एसीबी को यह बात बतानी होगी, क्योंकि मैं संवैधानिक पद पर हूं, इसके बाद वहां से चला गया। इस पर जैन ने कहा- राजनीति में कुछ बातें बाद में बताई जाती हैं। जैन ने बताया कि सीएम के रिश्तेदार की 50 करोड़ की लैंड डील करवाई है। मनी लॉन्ड्रिंग और ब्लैकमनी के बारे में जैन के क्या लिंक हैं, ये सबको पता है। अपनी आंखों से कैश लेन-देन देखने के बाद मेरा चुप रहना मुमकिन नहीं था, भले ही पद और प्राण चले जाएं। नौकरी छोड़कर पार्टी में आया था। आंदोलन के लिए हमेशा साथ खड़ा रहा।मैं एलजी को ऑन रिकॉर्ड बयान देकर आया हूं और अब एसीबी, सीबीआई, सबको बताऊंगा। सत्येंद्र जैन के बारे में पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए। आखिर केजरीवाल उन्हें बार-बार क्यों बचाते रहे हैं? हमारी पार्टी और सरकार में कुछ भ्रष्टाचारी आ गए हैं, उन्हें उखाड़ फेंकना है।जिस दिन सत्येंद्र जैन जेल जाएंगे, उसके बाद पूरा सच सामने आ जाएगा। बस 10-15 दिन की बात है। केजरीवाल मीडिया के सामने आने से क्यों बच रहे हैं? कल तक सिसोदिया और केजरीवाल कह रहे थे कि ईवीएम के कारण एमसीडी चुनाव हारे तो अब अचानक पानी का मुद्दा कहां से आ गया।जो भ्रष्टाचार करता है, तो उसे बाहर करेंगे। कानून अपना काम करेगा। खुलासा करना से पहले मैंने किसी नेता से बात नहीं की। टैंकर घोटाले की जांच को लेकर ACB को लेटर लिखने के बाद मुझे हटाया गया।”

सरकार और आप ने क्या कहा-

मनीष सिसोदिया ने कहा- “जिस तरह से उन्होंने बेबुनियाद आरोप लगाए, वो तो जवाब देने के लायक भी नहीं हैं। कोई इन पर विश्वास नहीं करेगा।” बता दें शनिवार को केजरीवाल ने कपिल को जलमंत्री के पद से हटा दिया था।मैंने कल कपिल को मंत्रिमंडल में फेरबदल की बात बताई थी। केजरीवाल से कहा था कि सभी विधानसभाओं में पानी को लेकर लोग परेशान हैं। विधायक लोगों की गालियां खा रहे हैं। कपिल के आरोपों का कोई सिर-पैर नहीं है। बहुत ऊलजलूल आरोप लगाए हैं। इन पर कोई विश्वास नहीं करेगा।”

विश्वास ने कहा कि-“केजरीवाल पैसा लेंगे या करप्शन करेंगे, ऐसा कोई सोच भी नहीं सकता। केजरीवाल के दुश्मन भी इन आरोपों को सही नहीं मान सकते। इसके जवाब में कपिल ने कहा, “जिस दिन सत्येंद्र जैन जेल जाएंगे, उस दिन आप भी मानेंगे भाई। तब तक एकला चलो रे।’

कुमार विश्वास ने ये भी कहा, ”साथियों-कार्यकर्ताओं से प्रार्थना है, धैर्य रखें और विश्वास बनाएं रखें। जो देश-कार्यकर्ताओं के हित में बेहतर होगा, हम सब मिलकर करेंगे”बिना किसी सबूत के आरोप लगाना गलत है। अरविंद को 12 साल से जानता हूं। इतने साल साथ काम करने के बाद कह सकता हूं कि वो भ्रष्टाचार करेंगे, ये सोच भी नहीं सकता।” जब अमानतुल्ला ने विश्वास पर पार्टी को तोड़ने का जब आरोप लगाया था तो कपिल ही खुलकर साथ खड़े थे। अब कपिल पर संकट आया तो विश्वास ने साथ नहीं दिया, यही है राजीतिक जीवन है कपिल जी, ये तो शुरुआत है

 अन्ना हजारे ने कहा, अन्ना ने कहा-” दिल्ली की जनता का भरोसा पाकर के मुख्यमंत्री बने हैं। अब केजरीवाल के खिलाफ आरोप लगना दुख की बात है। मेरा सपना तो तभी टूट गया था जब कैबिनेट के 6 मंत्रियों में से 3 का इस्तीफा हो गया था।टीवी पर ये सब देखकर मुझे दुख हुआ। जो लोग भ्रष्टाचार के विरोध में लड़ते थे। मैं 40 साल से लड़ रहा हूं, केजरीवाल भी साथ आ गए। वो मुख्यमंत्री बन गए, आज उन पर आरोप लग रहे हैं तो बहुत दुख होता है। मैं पूरी स्टडी करने के बाद ही विस्तार से बात कर पाऊंगा।”

अब अन्ना ये तो मोके की बात है आपके पास ऐसा चांस होता तो आप भी नहीं चूकते मुंह फाड़ने और पेट फूलाने से-

CMके लिए इससे बड़ा कुकर्म नहीं:BJP

दिल्ली बीजेपी के प्रेसिडेंट मनोज तिवारी ने कहा-मनोज तिवारी, दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा-“सरकार के विरुद्ध भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा खुलासा है। सीएम इस्तीफा दें।”
”कपिल ने गवाही दी है, एलजी के सामने सब कुछ बताया है। ये एक चश्मदीद की गवाही है, जो कानून में बहुत मायने रखती है। देर से ही सही, लेकिन उन्होंने जो हिम्मत दिखाई, इसके लिए धन्यवाद देता हूं।मंत्री पद से हटाए जाने पर कपिल ने गवाही नहीं दी, बल्कि रिश्वत लेने पर सीएम से माफी मांगने के लिए कहा, तब उन्हें हटाया। हम मांग करते हैं कि अब केजरी के पास सीएम की कुर्सी पर बैठने का कानूनी-नैतिक अधिकार नहीं है। इस्तीफा देना चाहिए।कपिल की गवाही से साबित हो गया है कि भ्रष्टाचार के मामले में केजरीवाल ने लालू यादव को पीछे छोड़ दिया। इससे बड़ा कुकर्म एक सीएम के लिए और क्या होगा कि वो एक मंत्री के सामने साथी से रिश्वत ले।”

केजरीवाल को इस्तीफा देना चाहिए: कांग्रेस

दिल्ली कांग्रेस के प्रेसिडेंट, अजय माकन ने कहा-“नैतिकता के अाधार पर जांच पूरी होने तक केजरीवाल को इस्तीफा देना चाहिए।”
“ये बहुत गंभीर आरोप है, इसे खारिज नहीं किया जा सकता। हमने तय किया है कि कल से हम सिग्नेचर कैम्पेन शुरू करेंगे, दस लाख सिग्नेचर इक्ट्ठा करेंगे जिसे हम केजरीवाल को देंगे और इस्तीफे की मांग करेंगे।”
शकील अहमद ने कहा- ”ये शक तो पहले से ही जाहिर था। जैन और केजरीवाल की निकटता पर सवाल पहले ही उठ रहे थे। उनके पूर्व मंत्री ने ही आरोप लगाए हैं तो इसकी जांच होनी चाहिए। सीएम को अब इस्तीफा दे देना चाहिए। टैंकर घोटाले की जांच केजरीवाल ने क्यों दबाई? पहले ये बताएं। कपिल ने शीला दीक्षित का नाम सिर्फ इसलिए लिया है कि वो ये बता सकें कि हम सिर्फ अपनी ही पार्टी नहीं, दूसरों के भी मामले उठाते हैं।”
प्रणब मुखर्जी की बेटी और कांग्रेस की नेता शर्मिष्ठा ने कहा- ”आज केजरीवाल पर सीधे सवाल उठ रहे हैं, तो यह बहुत जरूरी है कि इसकी निष्पक्ष जांच हो। जो पार्टी भ्रष्टाचार मिटाने का वादा कर सत्ता में आई, वही इसमें घिर गई है। केजरीवाल को जवाब देना होगा।”

ये बीजेपी की साजिश: जेडीयू

जेडीयू नेता केसी त्यागी ने कहा- ”बीजेपी के साथ सांठगांठ करके कुछ लोग केजरीवाल को बदनाम करना चाहते हैं। इस सरकार को भी बर्खास्त कराना चाहते हैं। लेकिन आरोप उनके सहयोगियों ने लगाए हैं तो केजरीवाल का नैतिक कर्तव्य बनता है कि वह इस मामले पर पूरी सफाई दें। क्या देश में अकेली यही भ्रष्ट सरकार है?”केजरीवाल को पहले दिन से ही काम नहीं करने दिया। क्या केजरीवाल भ्रष्ट हैं? अगर ऐसा है तो देश में ईमानदार लोग ढूंढने पड़ेंगे। हमने अन्ना हजारे के साथ बैठकर भ्रष्टाचार मिटाने की कसमें खाई थीं।’

अब कपिल मिश्रा का धरना प्रदर्शन –

अरविंद केजरीवाल के खिलाफ कपिल मिश्रा बुधवार को अनशन पर बैठ गए। कपिल की मांग है कि आप नेताओं के विदेश दौरे की फंडिंग का सोर्स बताया जाए। कपिल के मुताबिक केजरीवाल सरकार संजय सिंह, आशीष खेतान, सत्येंद्र जैन, राघव चड्ढा और दुर्गेश पाठक की फॉरेन ट्रिप की जानकारी सार्वजनिक की जाए। मेरे मरने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा…
बोले -“यहां अकेला बैठूंगा। जब तक जानकारियां सार्वजनिक नहीं होंगी, कुछ नहीं खाऊंगा। सिर्फ पानी पिऊंगा, अन्न ग्रहण नहीं करूंगा।जानता हूं कि मेरे मर जाने से आपको कोई फर्क नहीं पड़ेगा। अब वही रटा-रटाया जवाब नहीं चलेगा कि मैं बीजेपी का एजेंट हूं और मैंने ये सवाल पहले क्यों नहीं पूछे।मैं भी दिल्ली सरकार में मंत्री था, लेकिन कभी विदेश नहीं गया।आप के 5 नेता हैं जिन्होंने विदेश दौरे किए। ये वहां क्यों गए, कहां रुके? दौरों के लिए पैसा कहां से आया? आपके पास कुछ छिपाने के लिए नहीं है तो इसका डिटेल दें |जब तक डिटेल नहीं दे देते, तब तक यहीं बैठा रहूंगा। हिलने वाला नहीं हूं। पहले कहा गया था कि हमारे पास चुनाव लड़ने के लिए पैसा नहीं है, तो ये पैसा कहां से आया?अनशन पर इसलिए बैठा हूं, क्योंकि ये सब तो उनसे ही सीखा है। आरोप लगने के बाद से केजरीवाल चुप ही हैं। मनमोहन सिंह के बाद चुप रहने वाले केजरीवाल दूसरे शख्स हैं।मुझे धमकियां भी मिल रही हैं। धमकी भरा एक फोन तो इंटरनेशनल नंबर से भी आया, लेकिन मैं डरने वाला नहीं हूं।”

अब सीबीआई में की शिकायत-

मिश्रा की तीन शिकायतों में केजरीवाल के रिश्तेदार की 50 करोड़ की लैंड डील, आप नेताओं के विदेशी दौरे और केजरीवाल द्वारा 2 करोड़ रुपए नकद लेने के मामले शामिल हैं। सीबीआई कोर्ट के ऑर्डर पर ही कोई केस ले सकती है या फिर राज्य सरकार उसके पास केस भेजती है। हालांकि, दिल्ली केंद्र के तहत है। ऐसे में, संभावना है कि मिश्रा की कम्प्लेंट पर जांच शुरू हो जाए।11 मई को मिश्रा एसीबी के सामने टैंकर घोटाले में अपने बयान दर्ज कराएंगे।
 
इतना सब कुछ कांड घट गया हमारी नाक के नीचे, ताज्जुब की बात ये है आम आदमी पार्टी की तरफ से कोई बयां नहीं आया की “जी ये तो हमारे खिलाफ साजिश है, मोदी ने करवाया है या BJP के कहने पे ये सब हुआ है ” | देखो आम आदमियों इस देश के नागरिक चू** नहीं है, भोले हैं बस… अपनी पे आये न उसी दिन तुम्हारा ताज गटर में मिलेगा, सुधर जाओ मानसिक हालत में सुधार करवा लो यार क्यों फिर दिल्ली की जनता की किस्मत राष्ट्रपति जी के हाथो में दे रहे हो… अगर इस बार गये ना तो फिर 49 दिन सरकार चलाने के बाद जो 67 सीट जीत लाये थे उस कारनामे को दोबारा करने के लिए, दोबारा ही जनम लेना पड़ेगा वो भी नए नाम और आधार कार्ड के साथ, ज्यादा भटक मत खाओ, अब इतना बड़ा काण्ड कर दिए हो तो थोडा अपनी ज़िम्मेदारी समझ के आरोप मान लो या ससुरी झूटी तस्सली ही दिला दो… बाद में निपटते रहना उ का है की तुम लोगो के अलावा पूरे हिन्दुस्तान में क्या घट रहा है, उसका अंदाज़ा नहीं मिलता… अब भीगी बिल्ली वाला खेल बंद करो और कोई समाधान निकाल लाओ और भी ज़रूरी काम पड़े हैं इसके अलावा-

YOU MAY ALSO LIKE