ऐसे दोस्त जिनसे आपको दोस्ती का मतलब समझना चाहिए-

Friendship

“दोस्ती मतलब यारी, ऐसा रिश्ता जो आपको सारी जिंदगी सपोर्ट करता है”

इस फ़िल्मी ज़माने में हम अपनी रियल लाइफ में ज़्यादा रील लाइफ से ही सीखते हैं. आजकल फिल्मों का असर हमपे दारु के जैसे होता है जो सिर पर ऐसे बैठ जाता है जैसे कोई निशाचर बैठा हो. ये फ़िल्मी दोस्ती जो होती है ना वो असल वाली की कॉपी होती तो है लेकिन उससे कहीं ज्यादा प्रभावी भी होती है. जिससे हमें कुछ सीखने की ज़रूरत है.

कुछ ऐसी फ़िल्में जो दोस्ती की मिसाल तो थी ही लेकिन इन फिल्मों में दोस्ती की गाँठ इतनी मजबूत क्यों थी.

शोले- जय और वीरू के सिक्के वाली दोस्ती

Sholay Memories
Sholay Memories

पक्की दोस्ती में ट्रस्ट को भी साली कहीं जगह नहीं होती है इसलिए एक तीसरे का होना ज़रूरी होता है जो दोनों को एक साथ कनवेंस करे. जैसे सिक्का… हर काम का फैसला सिक्के के भरोसे ताकि कुछ बात बिगड़ भी जाये तो गलती थी सिक्के की. हमने तो कुछ किया भी नहीं. जो भी हो दोस्ती सेफ हो बस.

सौदागर- इमली का बूटा, बेरी का बेर. जब तक जंग ना हो जाये.

Imli Ka Boota
Imli Ka Boota

एक कथन जिसने दोस्ती और दुश्मनी को ऐसे परिभाषित किया जैसे भारत और पाकिस्तान. “हम जब दोस्ती करते हैं तो अफ़साने लिखे जाते हैं और दुश्मनी करते हैं तो तारीख़” साफ़ सीधी बात बीच का कोई हिसाब नहीं. तभी तो दोस्ती को सही आयाम और मुकाम मिलता है.

ज़िन्दगी ना मिलेगी दोबारा- डर को जीतना है तो माउंटेन ड्यू नहीं दोस्त चाहिए

Zindagi Na Milegi Dobara
Zindagi Na Milegi Dobara

जिंदगी जीना जिनके साथ सीखा उनके साथ मरने से क्या डर. आखिर बेचलर पार्टी पे हमारा अधिकार है ही. बाकि जो घूमने का मज़ा दोस्तों के साथ का है वो साला गर्लफ्रेंड के साथ कहाँ. बाकि ये तेरी वो मेरी वाली बात पे झगडा चलता ही रहेगा.

3 इडियट्स- 3 मोरोन्स, तीन तीतर जो सबके आगे पीछे हमेशा के लिए चिपक गये.

3 Idiots
3 Idiots

आल इज वेल बोल के सारे काम करवाना आसन नहीं होता है जी, आपको पैदा करना होता है एक रिश्ता जो ट्रस्ट ही नहीं जी जान तक आपके साथ जीने को तैयार रहे. अतरंगी यारी जो टेक्निकल होक भी नॉन टेक्निकल भाषा ज्यादा जानती है.

कोई पो चे- ख्वाब देखो तो उनके साथ जो उनका सही मतलब समझते हों

Kai Po Che
Kai Po Che

“रूठे ख्वाबों को मनाएंगे…” सपने जो पूरे हुए और वजह थी दोस्ती. एक दोस्त ही तो होते हैं हो अपने मरने के बाद गाली देके याद करते हैं. अबे साले जाना ही था तो बोलके जाता.

रंग दे बसंती- #ब्रदरहुड जो साथ साथ जीना और साथ साथ मरना सिखाती है 

Rang De Basanti
Rang De Basanti

कहते हैं ना जो टोली बनाकर चले गये वो टोली बनाकर आते भी हैं. दोस्ती ही वो रिश्ता है जो सबके अधूरे काम मिलके पूरे करते हैं. जो काम अपने नहीं वो भी करते हैं.

मुन्ना भाई एमबीबीएस – हम टपोरी ही सही लेकिन दोस्त तो हैं ही.

Munna Bhai MBBS
Munna Bhai MBBS

मुन्ना भाई के लिए जियेगा मरेगा साला सबका क़त्ल करेगा. नाम से सर्किट होना आम बात है लेकिन मुन्ना जैसा दोस्त होना आम नहीं.

राँझना- मुरारी और पंडित जो बनारस के हैं बस इतना ही.

Raanjhanaa
Raanjhanaa

“पंडित साले तुम्हारा प्यार नहीं यूपीएससी का एग्जाम हो गया की 10 साल से पूरा ही नहीं हुआ” बनारस की दोस्ती हर हर महादेव से लेके चाय के कुल्लड तक होती है. जो शमशान की राख में भस्म होना चाहती है.

और होने को तो हज़ारों उदाहरण हो सकते हैं लेकिन इनसे अच्छा सटीक कोई मिलेगा नहीं. चिपका लो छाती से, सीख जाओ कुछ जो ज़िन्दगी आसां बनादे.

आगे सफ़र जारी रखे-

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